कागज पर चलता है 24 घंटा कोविड अस्पताल,डॉक्टर की कमान संभाली एंबुलेंस ड्राइवर


सुपौल,20 जून। बिहार में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को खत्म करने के लिए हर स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से निर्देश जारी किए जाते हैं पर लापरवाही करने वालों की कमी नहीं है। मामला बिहार के सुपौल जिले के अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज का है, जहां कोविड केयर सेंटर कागज पर 24 घंटा चलता है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। त्रिवेणीगंज स्थित कोविड सेंटर में सिर्फ नर्स ही ड्यूटी करती हैं जबकि चिकित्सक अपने सुविधा के अनुसार ड्यूटी करते हैं। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ना के बराबर आते हैं। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एंबुलेंस का ड्राईवर यहां डॉक्टर की जगह कुर्सी पर बैठकर अपनी ड्यूटी करता है। जब इस पूरे मामले का वीडियो बनाया जाने लगा तो एंबुलेंस चालक आग-बबूला होकर इधर-उधर फोन लगाने लगा। अनुमंडलीय अस्पताल के प्रबंधक प्रेम रंजन ने कहा कि अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. वीरेंद्र दर्वे अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं। अगर कोविड केयर सेंटर में लगे कैमरे की फुटेज को खंगाला जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। कोरोना संक्रमण में आई कमी के बाद कोविड केयर सेंटर त्रिवेणीगंज में 15 दिनों से एक भी मरीज नहीं हैं। लेकिन इस सेंटर पर प्रभारी डॉक्टर वीरेंद्र दर्वे की लापरवाही और एंबुलेंस चालक की मनमानी यहां की व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। शनिवार को त्रिवेणीगंज के एसडीओ शेख जेड हसन ने अस्पताल का जायजा लिया। इस दौरान कोविड केयर सेंटर में कुव्यवस्था पर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।

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