चिकित्सक ने कहा अब सड़क या कोर्ट से होगा फैसला
जौनपुर। जिले में एक डेंटल सर्जन और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के सदस्य के साथ कथित दुवर्््यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित चिकित्सक ने आरोप लगाया है कि उनके साथ थाने में न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि शिकायत की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद भी धूमिल हो गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा थानाध्यक्ष को दी गई कथित “सजा” से उनका दर्द कम होने के बजाय और बढ़ गया है। डेंटल सर्जन डॉ. प्रभात विक्रम सिंह ने कहा कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद प्रशासनिक स्तर पर नहीं दिख रही है, इसलिए वे या तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे या फिर न्यायालय की शरण लेंगे। डॉ. प्रभात विक्रम सिंह के अनुसार, वह अपनी पैतृक भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण की शिकायत लेकर 25 मई को थाना तेजीबाजार पहुंचे थे। उनका आरोप है कि शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई करने के बजाय तत्कालीन थाना प्रभारी सत्येंद्र भाई पटेल ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया, जूते और बेल्ट उतरवा लिए गए तथा उन्हें घंटों लॉकअप में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। बाद में उनका धारा 151 के तहत चालान भी कर दिया गया। पीड़ित चिकित्सक का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की थी और उन्हें उम्मीद थी कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। लेकिन, उनके अनुसार पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष को केवल इतना कहा कि वह डॉक्टर को थाने बुलाकर उनके साथ चाय पिएं। डॉ. सिंह का आरोप है कि इस कथित फैसले ने उनके जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़कने का काम किया है।