पर्यावरण की पुकार: "प्रकृति से प्रेरित — हमारी धरती, हमारा भविष्य"
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के पर्यावरण विज्ञान विभाग के समर ट्रेनिंग छात्रों ने रूरल कलीचाबाग स्थित जल कल विभाग में मिशन लाइफ के अंतर्गत पर्यावरण दिवस 2026 "इंस्पायर बाय नेचर: फॉर क्लाइमेट, फॉर आवर फ्यूचर" पर कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। सहायक आचार्य डॉ. विवेक कुमार पाण्डेय ने कहा कि जल, जंगल और जमीन केवल संसाधन नहीं बल्कि हमारी संस्कृति व सभ्यता की आधारशिला हैं। उन्होंने बढ़ते तापमान, घटते भूजल स्रोत, वायु प्रदूषण व जैव विविधता क्षरण पर चिंता जताते हुए जल संरक्षण, जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा प्राकृतिक जल स्रोतों व आर्द्रभूमियों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। डॉ. पाण्डेय ने नदियों की स्वच्छता को पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया और भारतीय संस्कृति में नदियों व वनों को मां व देवता रूप में पूजने का महत्व रेखांकित किया। कार्यक्रम में क्वालिटी मैनेजर केमिस्ट श्रुति मिश्रा, निलेश जायसवाल, अंकित यादव, पुष्कर सिंह व स्नातक—परास्नातक छात्र निधि, श्रद्धा, अनमोल, सिद्धार्थ, सुमित, हरिओम तथा शोधार्थी चंद्र भूषण उपस्थित रहे। आयोजकों ने समुदाय आधारित संरक्षण और जागरूकता अभियान तेज करने का संकल्प लिया।